15 अक्तूबर,2007 नई दिल्ली,भारत
15 अक्तूबर, 2007 के दिन ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, भारत, जापान, कोरिया गणराज्य और संयुक्त राज्य अमेरिका के मंत्री एवं अन्य उच्च स्तरीय पदाधिकारी पार्टनरशिप की सफलता को मान्यता देने के लिए उपस्थित हुए। सभी भागीदारों ने औपचारिक तौर पर कनाडा को नए भागीदार के रूप में सहर्ष स्वीकार किया। कनाडा के जलवायु परिवर्तन और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की प्रतिबद्घताओं ने पार्टनरशिप में इस नए जुड़ाव से नई संभावनाओं को बढ़ाया है और इससे एपीपी के प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने में मदद मिलने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। मंत्रियों ने एक विज्ञप्ति जारी कर पार्टनरशिप की शुरुआत, सिडनी में जनवरी 2006 की मंत्री-स्तरीय बैठक से लेकर अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया। मंत्रियों ने पार्टनरशिप के आठ टास्क फोर्स एक्शन प्लान और उनसे जुड़े 110 प्रोजेक्ट्स पर प्रकाश डाला। पार्टनरशिप की उपलब्धियों में शामिल 18 नए प्रोजेक्ट्स एवं कार्यक्रमों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इसके अलावा, सभी भागीदारों ने एशिया-प्रशांत एनर्जी टेक्नोलॉजी को-ऑपरेशन सेंटर को भी मान्यता दी। बैठक का समापन उद्योग जगत से जुड़ी एक सांध्य बैठक से हुआ, जिसमें मंत्रियों और उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों ने पार्टनरशिप में प्राइवेट सेक्टर के साथ गठबंधन और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।