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परियोजना सूची - आरपार कटौती और अन्य

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CCO-07-01 परियोजना 1. भारत में स्वच्छ ऊर्जा बाजार को गति देना और इसका वित्तपोषण करना।
CCO-07-02 परियोजना 2. भारत में राज्य ऊर्जा संरक्षण फंड का गठन और इसे दोहराना।
CCO-07-03 परियोजना 3. स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार के लिए वित्तपोषण को गति देना।
CCO-07-04 परियोजना 4. अमेरिकी व्यापार एवं विकास एजेंसी-चीनी परियोजना तैयारी सुविधा प्रस्ताव - (रद्द)
CCO-07-05 परियोजना 5. भारतीय उद्योग में पारिस्थितिकी के अनुकूल जारी रखने योग्य व्यापार वृद्धि के लिए स्वैच्छिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।

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परियोजना 1. भारत में स्वच्छ ऊर्जा बाजारों को गति देना और वित्तपोषण करना

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Download "Powering Up" - a report on the Investment Potential of Energy Service Companies in India

यह परियोजना फिर से नवीकरण करने योग्य और ऊर्जा कुशल क्षेत्रों में सफल और वहनीय व्यापार मॉडल को रेखांकित करने के लिए एक उपक्रम विकास मॉडल का इस्तेमाल करेगी, जिसे व्यापक स्तर पर लागू करने पर बाजार आधारित और मुनासिब दामों पर ऊर्जा सेवाओं की प्राप्ति होगी। इस परियोजना का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों में निवेश करने और कर्ज देने के लिए भारत आधारित निवेश नेटवर्क को व्यापक करना है। इससे भारत में साझेदार बैंकों के साथ काम करके दोबारा नवीकरण करने योग्य तकनीकों और सेवाओं में निवेश करना सहज हो जाएगा। भारत और अमेरिका इस परियोजना में साझेदार हैं।

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परियोजना 2. भारत में राज्य ऊर्जा संरक्षण फंड की स्थापना और इसे दोहराना

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क्लोर-अल्कली (क्षार) उद्योग भारत के बड़े रासायनिक उद्योगों में से एक है और देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था के साथ इस उद्योग के आगे बढऩे की ही उम्मीद है। इस उद्योग में प्रोटोन-वितरण मेम्ब्रेंस (पीईएम) ईंधन कोशिका उत्पाद विद्युत उत्पन्न करने के लिए क्लोर-अल्कली उद्योग से उत्पन्न हाइड्रोजन प्राप्त करता है, जिससे बिजली की बचत होती है। साथ ही इससे कोयला भट्टी विद्युत् उत्पादन का इस्तेमाल घटेगा जिससे कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन पर अंकुश लगता है। उद्योग में बदलाव लाने वाली इस परियोजना में भारत और अमेरिका, दोनों भागीदारी करेंगे।

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परियोजना 3. स्वच्छ ऊर्जा मुहैया करने के लिए वित्तपोषण को गति देना

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Download Financing Energy Efficiency in India Report

इस परियोजना का लक्ष्य एक परियोजना तैयारी सुविधा (पीपीएफ) विकसित करना है, जो ऊर्जा क्षेत्र में वित्त विशेषज्ञों का एक समूह तैयार करेगा। यह समूह ऐसी परियोजनाओं को रेखांकित और तैयार करेगा, जो कर्ज और निवेश जरूरतों की पात्रता रखती हो। पीपीएफ समय-समय पर निवेश मंचों का आयोजन कर परियोजनाओं के प्रायोजकों और निवेश स्रोतों को मिलाएंगे और इस तरह डेवलपर्स व निवेशकों को एक दूसरे के करीब लाने का काम करेंगे। भारत और अमेरिका इस परियोजना के भागीदार देश हैं।

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परियोजना 4. अमेरिकी व्यापार और विकास एजेंसी-चीनी परियोजना तैयारी सुविधा प्रस्ताव – (रद्द)

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यह परियोजना चीन में औद्योगिक सह-उत्पादन, फिर से नवीकरण करने योग्य ऊर्जा, स्वज्छ जीवाश्म ईंधन और ऊर्जा कुशलता जैसे विविध क्षेत्रों में संभावित अध्ययन, तकनीकी सहायता, कार्यशालाओं का आयोजन और मुख्य परियोजनाओं की फंडिंग करेगी। ये गतिविधियां साझेदारी लक्ष्यों के अनुरूप सरकारी और निजी क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और तकनीकों के इस्तेमाल के लिए उत्सर्जन में कमी और दूसरे नतीजों की प्राप्ति में सहायक होंगी। चीन और अमेरिका इस परियोजना के साझेदार हैं।.

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परियोजना 5. भारतीय उद्योग में बेहतर पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के लिए स्वैच्छिक कार्यक्रम

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यह परियोजना भारतीय उद्योग में ऊर्जा और उत्सर्जन में कमी लाने के लिए एक स्वैच्छिक कार्यक्रम विकसित करेगी, जिससे कि आधार और लक्ष्य तय किए जा सकें। इस परियोजना की प्रस्तावित गतिविधियों में अमेरिकी पर्यावरणीय सुरक्षा एजेंसी के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर और इससे जुड़े कार्यक्रमों और तकनीकी सेमिनारों तक पहुंच बनाना है। इस तरह की कोशिशें भारत में नए निवेश के अवसर पैदा करने के साथ-साथ जहां स्वैच्छिक उत्सर्जन कार्यक्रम के लिए संस्थागत क्षमता का निर्माण करेंगी, वहीं पारिस्थितिकी के अनुकूल जारी रखने योग्य व्यापार वृद्धि को बढ़ावा देंगी। भारत और अमेरिका इस परियोजना के भागीदार देश हैं।

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